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जोश दिल में जगाते चलो | जीत के गीत गाते चलो | जोश दिल में जगाते चलो
जोश दिल में जगाते चलो जीत के गीत गाते चलो जोश दिल में जगाते चलो जीत के गीत गाते चलो जीत की जो तस्वीर बनाने हम निकले हैं अपनी लहू से हमको उसमें रंग भरना है साथी मैंने अपने दिल में अब ये ठान लिया है या तो अब करना है या तो अब मरना है चाहे अंगार बरसे कि बिजली गिरे तू अकेला नहीं होगा यारा मेरे कोई मुश्किल हो या हो कोई मोरचा साथ हर मोड़ पर होंगे साथी तेरे अब जो भी हो शोला बनके पत्थर है पिघलाना अब जो भी हो बादल बनके परबत पर है छाना कँधों से मिलते हैं कँधें कदमों से कदम मिलते हैं हम चलते हैं जब ऐसे तो दिल दुश्मन के हिलते हैं इक चेहरा अक्सर मुझे याद आता है इस दिल को चुपके-चुपके वो तड़पाता है जब घर से कोई भी ख़त आया है कागज़ को मैंने भीगा-भीगा पाया है हो, पलकों पे यादों के कुछ दीप जैसे जलते हैं कुछ सपने ऐसे हैं जो साथ-साथ चलते हैं कोई सपना न टूटे, कोई वादा न टूटे तुम चाहो जिसे दिल से वो तुमसे न रूठे अब जो भी हो शोला बनके पत्थर है पिघलाना अब जो भी हो बादल बनके परबत पर है छाना कँधों से मिलते हैं कँधें कदमों से कदम मिलते हैं हम चलते हैं जब ऐसे तो दिल दुश्मन के हिलते हैं चलता है जो ये कारवाँ ऊँची सी है ये वादियाँ है ये ज़मीन ये आसमान है ये हवा, है ये समाँ हर रास्ते ने, हर वादी ने, हर परबत ने सदा दी हम जीतेंगे, हम जीतेंगे, हम जीतेंगे हर बाज़ी कँधों से मिलते हैं कँधें कदमों से कदम मिलते हैं हम चलते हैं जब ऐसे तो दिल दुश्मन के हिलते हैं कँधों से मिलते हैं कँधें कदमों से कदम मिलते हैं हम चलते हैं जब ऐसे तो दिल दुश्मन के हिलते हैं कँधों से मिलते हैं कँधें कदमों से कदम मिलते हैं हम चलते हैं जब ऐसे तो दिल दुश्मन के हिलते हैं कँधों से मिलते हैं कँधें कदमों से कदम मिलते हैं हम चलते हैं जब ऐसे तो दिल दुश्मन के हिलते हैं
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