أغنية
اكتشف قصة هذه الأغنية وموضوعاتها ومشاعرها.
है क्या तड़प? है ये कैसी सज़ा? | क्यूँ ग़म की आग में तू जल रहा? | माना, है टूटा तू, ख़ुद से है छूटा तू
है क्या तड़प? है ये कैसी सज़ा? क्यूँ ग़म की आग में तू जल रहा? माना, है टूटा तू, ख़ुद से है छूटा तू ख़ुद को तू ख़ुद से मिला ज़ख़्मी परिंदा है, फिर भी तू ज़िंदा है मान ले कहना मेरा तेरा-मेरा रिश्ता पुराना तेरा-मेरा रिश्ता पुराना तेरा-मेरा रिश्ता पुराना क्यूँ ज़िंदगी से तू इतना ख़फ़ा? फिर से इसे ले गले से लगा जो भी उजड़ गया, तुझसे बिछड़ गया उसको तू दे भी भुला तेरा सुकून तो तेरे ही पास है फिर कहीं क्यूँ ढूँढना? तेरा-मेरा रिश्ता पुराना तेरा-मेरा रिश्ता पुराना है क्या तड़प? है ये कैसी सज़ा? क्यूँ ग़म की आग में तू जल रहा? ख़ुद को ना यूँ सता, उसको दे बुझा चाहता यही आसमाँ अब तेरे प्यार में, दिल के क़रार में शामिल तू कर ले जहाँ तेरा-मेरा रिश्ता पुराना तेरा-मेरा रिश्ता पुराना तेरा, ओ, मेरा रिश्ता पुराना
لا توجد أغانٍ مشابهة بعد.